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हिमाचल विधानसभा में सख्त कार्रवाई और सियासी संग्राम, भ्रष्ट अधिकारियों पर गिरी गाज

भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों को अहम पदों से हटाने के आदेश
विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, मुख्यमंत्री पर विशेषाधिकार हनन नोटिस
सदन में सीएम सुक्खू का सख्त रुख, कहा- आश्वासन नहीं, सीधी कार्रवाई होगी


शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन ही राजनीतिक गर्माहट और सख्त प्रशासनिक फैसलों के  साथ शुरू हुआ । एक ओर जहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए दागी अधिकारियों को अहम पदों से हटाने के आदेश दिए, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने सदन में जबरदस्त हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया।

प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सतपाल सत्ती द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार दिग्ध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारियों (ODI) को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह सदन में सिर्फ आश्वासन नहीं देंगे, बल्कि भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों को सीधे पदों से हटाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।

वहीं, बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही भाजपा विधायक दल ने नारेबाजी करते हुए विधानसभा में प्रवेश किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का नोटिस विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा गया।

विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री लगातार सदन के अंदर और बाहर भ्रामक बयान देकर गुमराह कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछले तीन वर्षों में कई बार झूठ बोला है और अब यह मामला सदन की गरिमा से जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।

इस बीच मुख्यमंत्री सुबह विधानसभा पहुंचे, जहां संसदीय कार्य मंत्री, डिप्टी चीफ व्हिप और अन्य विधायकों ने उनका स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

पहले ही दिन जिस तरह से भ्रष्टाचार पर सख्त रुख और विपक्ष के तीखे हमले सामने आए हैं, उससे साफ है कि यह बजट सत्र काफी हंगामेदार और राजनीतिक रूप से अहम रहने वाला है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव और बढ़ सकता है।

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[11:07, 18/3/2026] Parakram Chand: विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन ही विपक्ष ने दिखाए तेवर, मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस, मुख्यमंत्री पर लगाए झूठ बोलकर सदन को गुमराह करने के आरोप।

शिमला, विधानसभा बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन ही विपक्ष के तल्ख़ तेवर देखने को मिले हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष नारेबाजी करता हुआ सदन के अंदर गया। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता जयराम ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री द्वारा बार बार झूठ बोलने के ख़िलाफ़ नियम 75 के तहत विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का नोटिस विधानसभा अध्यक्ष  को दिया।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सिंह बुधवार सुबह बजट सत्र के लिए विधानसभा पहुंचे। आज से शुरू हो रहे सत्र के पहले दिन विधानसभा पहुंचने पर संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया , विधायक मलेंद्र राजन ने मुख्यमंत्री जी का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री को विधानसभा पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।